खेल

Commonwealth Games 2026: मंदाकिनी चानू और भारत का Boxing इतिहास

Commonwealth Games 2026 भारतीय महिला बॉक्सर और कोच मंदाकिनी चानू

Commonwealth Games 2026 में भारत ने Boxing में 7 Gold और 3 Silver जीते। जानें SSB की कोच मंदाकिनी चानू और भारतीय महिला बॉक्सरों की ऐतिहासिक सफलता।

ग्लासगो: Commonwealth Games 2026 में भारतीय बॉक्सिंग टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे भारतीय खेल इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा। ग्लासगो में आयोजित प्रतियोगिता में भारत ने बॉक्सिंग में कुल 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीते। यह Commonwealth Games में भारतीय बॉक्सिंग का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और पहली बार भारत इस खेल की पदक तालिका में शीर्ष पर रहा।

इस ऐतिहासिक अभियान में भारतीय महिला बॉक्सरों का योगदान भी बेहद खास रहा। महिला वर्ग में भारत ने 5 गोल्ड और 1 सिल्वर जीता। टीम की सफलता में खिलाड़ियों की मेहनत के साथ coaching और support staff की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। इसी coaching group का हिस्सा रहीं SSB की हेड कांस्टेबल के. मंदाकिनी चानू, जिन्हें भारतीय boxing contingent में coach के तौर पर शामिल किया गया था।

मंदाकिनी चानू कौन हैं और Commonwealth Games में उनकी भूमिका क्या रही?

के. मंदाकिनी चानू सशस्त्र सीमा बल यानी SSB से जुड़ी हैं और भारतीय महिला boxing setup के coaching staff का हिस्सा रहीं। Commonwealth Games 2026 के लिए भारतीय boxing support group में उनका नाम coach के रूप में शामिल था। Boxing Federation of India के 2026 के आधिकारिक दस्तावेज में भी K. Mandakini Chanu को coaching staff में coach के तौर पर दर्ज किया गया है।

इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह दिखाता है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से जुड़े कर्मचारी केवल सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं। खेलों में उनकी विशेषज्ञता और अनुशासन भी राष्ट्रीय स्तर की टीमों के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि यह कहना अधिक सही होगा कि मंदाकिनी चानू पूरी महिला boxing टीम की अकेली coach नहीं थीं; वे भारतीय boxing coaching group का हिस्सा थीं, जिसका नेतृत्व विदेशी head coach Santiago Nieva कर रहे थे।

ग्लासगो में भारतीय बॉक्सरों ने रचा इतिहास

Commonwealth Games 2026 में भारतीय boxing contingent में कुल 14 boxers थे, जिनमें सात महिलाएं शामिल थीं। प्रतियोगिता के दौरान भारतीय मुक्केबाजों ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया और 10 medal bouts तक पहुंचे। फाइनल मुकाबलों के बाद भारत के खाते में सात स्वर्ण और तीन रजत पदक आए।

Commonwealth Sport के अनुसार भारत ने पहली बार Commonwealth Games में boxing medal table में शीर्ष स्थान हासिल किया। सात gold medals किसी एक Commonwealth Games में किसी देश द्वारा boxing में जीते गए सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक भी रहे। इससे पहले किसी देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन छह gold medals का था।

महिला बॉक्सिंग में भारत को मिले 5 Gold और 1 Silver

भारतीय महिला boxers ने Glasgow में कुल छह पदक जीते। इनमें पांच स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल रहा। स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ियों में साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी शामिल रहीं। वहीं Olympic medallist लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।

साक्षी चौधरी ने 51 किग्रा में जीता Gold

महिला 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की Ruby White को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह मुकाबला भारत के लिए महिला boxing के सफल अभियान की महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक रहा। साक्षी ने मुकाबले में बेहतर footwork और सटीक combinations के साथ अपनी पकड़ बनाए रखी।

प्रीति पवार और जैस्मिन लांबोरिया की शानदार जीत

महिला 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने Canada की Scarlett Delgado को 5-0 से हराकर gold medal अपने नाम किया। इसके बाद 57 किलोग्राम वर्ग में विश्व चैंपियन जैस्मिन लांबोरिया ने Northern Ireland की defending champion Michaela Walsh को हराकर भारत को एक और स्वर्ण दिलाया।

जैस्मिन के लिए यह जीत विशेष रही क्योंकि उन्होंने चार साल पहले Birmingham Commonwealth Games में bronze medal जीता था। Glasgow में उन्होंने उस प्रदर्शन को gold medal में बदल दिया। Commonwealth Sport की रिपोर्ट के मुताबिक फाइनल में उन्होंने शुरुआती दौर के बाद मुकाबले पर मजबूत नियंत्रण बनाए रखा।

प्रिया घंघास ने 60 किग्रा में दिलाया Gold

महिला 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घंघास ने Canada की Marie-Bathoul Al-Ahmadieh को 4-1 split decision से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह मुकाबला आसान नहीं था, लेकिन प्रिया ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारत की gold medal संख्या बढ़ाई।

अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा में पूरा किया Golden Sweep

महिला 70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने भी भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। उनके gold के साथ भारतीय महिला boxers ने अपने छह medal bouts में पांच gold और एक silver का शानदार रिकॉर्ड बनाया।

लवलीना बोरगोहेन को Silver

Olympic medallist लवलीना बोरगोहेन महिला 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में Australia की Emma-Sue Greentree से 1-4 split decision से हार गईं। उन्हें silver medal से संतोष करना पड़ा। इसके बावजूद उनका पदक भारत के ऐतिहासिक boxing campaign का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

पूरी भारतीय boxing टीम का रिकॉर्ड प्रदर्शन

महिला boxers के अलावा पुरुष वर्ग में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। सचिन सिवाच ने 60 किलोग्राम और अंकुश पंघाल ने 80 किलोग्राम वर्ग में gold medal जीता। वहीं जादुमणि सिंह और नरेन्दर बेरवाल ने silver medals हासिल किए। इस तरह भारत की कुल boxing medal tally 7 gold और 3 silver तक पहुंची।

यह प्रदर्शन 2022 Birmingham Commonwealth Games के मुकाबले भी बेहतर रहा। Glasgow में भारत ने boxing में न केवल अधिक gold medals जीते, बल्कि पहली बार इस खेल की overall medal standings में पहला स्थान हासिल किया।

मंदाकिनी चानू और SSB के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?

मंदाकिनी चानू की भूमिका को भारतीय boxing के इस रिकॉर्ड प्रदर्शन के broader coaching setup के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। SSB से जुड़ी एक महिला कर्मचारी का राष्ट्रीय boxing coaching staff में शामिल होना सुरक्षा बलों में खेल प्रतिभा और professional sporting expertise के महत्व को भी सामने लाता है।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में खिलाड़ियों और coaches को बढ़ावा देने की परंपरा पुरानी है। ऐसे कर्मचारी अपनी service responsibilities के साथ-साथ खेलों में भी देश का प्रतिनिधित्व या सहयोग करते हैं। मंदाकिनी चानू का Glasgow 2026 अभियान इसी broader sporting ecosystem का उदाहरण है।

Coaching staff की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण होती है?

Boxing में खिलाड़ी की सफलता केवल मुकाबले के दौरान किए गए प्रदर्शन पर निर्भर नहीं करती। Training plan, opponent analysis, tactical preparation, fitness, recovery और mental preparation भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। बड़े multi-sport event में coaching staff को अलग-अलग boxers की जरूरत के अनुसार रणनीति तैयार करनी होती है।

इसीलिए Glasgow में भारत की सात gold और तीन silver की उपलब्धि को केवल individual performances के रूप में नहीं देखा जा सकता। खिलाड़ियों, head coach, अन्य coaches, medical और support staff के सामूहिक प्रयास ने इस campaign को मजबूत बनाया। मंदाकिनी चानू इसी coaching group का हिस्सा थीं।

भारत के लिए इस प्रदर्शन का महत्व

Commonwealth Games 2026 में boxing का यह प्रदर्शन भारतीय खेलों के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। सात gold medals ने भारत की boxing strength को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से रेखांकित किया। खास बात यह रही कि महिला boxers ने भी पांच gold medals जीतकर दिखाया कि भारत के पास अलग-अलग weight categories में मजबूत प्रतिभा मौजूद है।

यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भी खिलाड़ियों का confidence बढ़ा सकता है। हालांकि Commonwealth Games की सफलता को भविष्य की हर प्रतियोगिता का निश्चित परिणाम नहीं माना जा सकता। Boxing में competition लगातार बदलता रहता है और हर tournament में अलग opponents और परिस्थितियां सामने आती हैं।

FAQ: Commonwealth Games 2026 Boxing

सवाल: Commonwealth Games 2026 में भारत ने boxing में कितने medal जीते?
जवाब: भारत ने boxing में कुल 10 medal जीते, जिनमें 7 gold और 3 silver शामिल हैं।

सवाल: भारतीय महिला boxers ने कितने medal जीते?
जवाब: भारतीय महिला boxers ने कुल 6 medal जीते—5 gold और 1 silver।

सवाल: Mandakini Chanu की Commonwealth Games 2026 में क्या भूमिका थी?
जवाब: के. मंदाकिनी चानू भारतीय boxing coaching staff का हिस्सा थीं और उन्हें coach के रूप में contingent में शामिल किया गया था।

सवाल: महिला boxing में भारत के gold medal winners कौन रहे?
जवाब: साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने gold medals जीते।

सवाल: लवलीना बोरगोहेन ने कौन सा medal जीता?
जवाब: लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में silver medal जीता।

निष्कर्ष

Commonwealth Games 2026 में भारतीय boxing टीम का प्रदर्शन देश के लिए ऐतिहासिक रहा। सात gold और तीन silver के साथ भारत ने इस खेल में अपना सर्वश्रेष्ठ Commonwealth Games प्रदर्शन किया। महिला boxers ने पांच gold और एक silver जीतकर इस सफलता में बड़ी भूमिका निभाई।

इस पूरे अभियान में खिलाड़ियों के साथ coaching और support staff का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। SSB की हेड कांस्टेबल के. मंदाकिनी चानू का भारतीय boxing coaching group का हिस्सा होना इस उपलब्धि की एक खास कहानी है। Glasgow में मिली यह सफलता भारतीय boxing की बढ़ती गहराई और महिला खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी को भी सामने लाती है।

स्रोत: इस रिपोर्ट में Commonwealth Sport, Boxing Federation of India और भारतीय सरकारी समाचार स्रोतों में उपलब्ध Commonwealth Games 2026 से संबंधित जानकारी और medal records का संदर्भ लिया गया है।

#SSB Mandakini Chanu,Commonwealth Games 2026,CAPF,CWG-2026

हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें

प्रतिदिन ताज़ा समाचार अपने ईमेल पर प्राप्त करें।